राष्ट्रीय मानसिक विकलांग संस्थान पर संक्षिप्त टिप्पणी (शॉर्ट नोट) लिखिए-

Estimated reading: 1 minute 148 views

भारत शासन, कल्याण मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय मानसिक विकलांग संस्थान सिकंदराबाद की स्थापना सन् 1964 में निम्नलिखित उद्देश्यों से हुई-

(1) मानसिक रूप से निःशक्तता वाले व्यक्तियों के लिए पुनर्वास तथा देखभाल के उचित प्रतिमान विकसित करना

(2) मानसिक विकलांग को सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु मानव संसाधनों (ट्यूसन रिसोर्सिव) विकसित करना

(3) मानसिक विकलांगता के क्षेत्र में अनुसंधान करना एवं समन्वय करना,

(4) स्वयंसेवी संगठनों को परामर्श देना व उनकी सहायता करना,

(5) मानसिक विकलांगता के क्षेत्र में सूचना व प्रलेख केन्द्र के रूप में कार्य करना,

(6) मानसिक विकलांगता के आकार, कारण, ग्रामीण क्षेत्र का अनुपात, सामाजिक आर्थिक तत्त्वों के मूल्यांकन हेतु आंकड़े एकत्र करना।

राष्ट्रीय मानसिक विकलांग संस्थान में प्रत्येक रोगी का व्यक्तिगत अध्ययन तथा उनकी देखभाल की जाती है। यह परिवार आधारित सेवा है । इस संस्थान में अध्यापकों के प्रशिक्षण, अनसंधान कार्य तथा माता-पिताओं को आवश्यकता के समय परामर्श देने का कार्य होता है। संस्थान की विस्तार सेवा की टीम झोंपड़ियों में जाकर मानसिक विकलांग व्यक्तियों/बालकों का पता लगाती है। यह संस्थान लघु पुस्तिका तथा पत्रिकाएं भी अपने कार्यों के संबंध में प्रकाशित करता है तथा अन्य स्थानों पर गोष्ठियों व कार्यशालाओं का आयोजन भी करता है। यह संसाधन अल्पकालीन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम भी आयोजित करता है। मानसिक विकलांगों हेतु यह संस्थान व्यावसायिक प्रशिक्षण मार्गदर्शन, पाठ्यक्रम नियोजन, पाठ्यक्रम विकास आदि के कार्य भी करता है |

Leave a Comment

CONTENTS